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हैडमास्टर हृदयराम
हैडमास्टर हृदय राम की दंडिका पूत-कुपूत की पहचान करवा देती है। जो काबिल होगा, वह टिक जाएगा और लंपट तो भाग ही जाएगा। उनकी दंडिका बिल्कुल हंस न्याय करती। दूध अलग और पानी अलग। उनकी दंडिका सूप की तरह कूड़ा करकट बाहर फेंकती और असल तत्व बचाकर रखती।


सन्नाटे का भविष्य (कोरियाई कहानी)
एक जनजाति की भाषा में ‘मुझे तुम्हारी याद आती है’ अभिव्यक्ति के लिए एक अक्षर पर्याप्त है; जबकि दूसरी जनजाति की भाषा में इसके लिए दर्जनों वाक्य चाहिए। आर्कटिक क्षेत्र की एक जनजाति में तो मुँह से निकलने वाली भाप ही शब्दों का काम कर सकती है।


रोजर डीन किसेर की कहानियाँ
हर साल जब तितलियाँ अनाथालय की ओर लौटतीं, तो मैं कोशिश करता कि वे मेरे सिर पर आकर बैठ जाएँ और मैं उनको बहुत दूर उड़ा दूँ, क्योंकि उन्हें नहीं मालूम था कि जीने और मरने के लिहाज़ से अनाथालय कितनी बुरी जगह होती है...।


प्रेम और युद्ध (वियतनामी कहानी)
युद्ध को माफ कर दो। हर उस चीज़ को माफ़ कर दो जो हमारी यादों को नष्ट करती है। या हमें याद न रखने की वजह बनती है। या हमें पीड़ा पहुँचाती है।


लोई अली ख़लील की कहानियां
मेरी माँ तो हर बिगड़ी चीज़ को संवारने वाली मसीहा है, वह मेरा घुटना भी मिनटों में जोड़ देगी।


एंथ्रोपोसीन (स्पेनिश कहानी)
वह चीज़ करीब आ रही थी। यह फटे हुए कपड़ों में एक वयस्क पुरुष था। उसका बायाँ हाथ गायब था। पहले तो मुझे लगा कि कोई हादसा हुआ होगा


दो फिलिस्तीनी कहानियां
उसे जब कुछ नहीं समझ आया तो उसने बोतल का ढक्कन हटाया और अंदाज़ से उस जमीन पर पूरा दूध उड़ेल दिया जहाँ वह अपने बच्चे को छोड़कर गई थी


अंधों का देश (अंग्रेज़ी कहानी)
एक अजीब चीज़ है, जो आंख कहलाती है। यह चेहरे पर एक महीन अवसाद रचने के लिए बनी होती है


पतंगबाज़ (अफ़ग़ान कहानी)
मैं जानता था कि जब डोर एक जैसी गुणवत्ता की हो तो अनुभव ही निर्णायक भूमिका निभाता है।


मैदान वाला ख़ाली मकान (कोरियाई कहानी)
कौन यक़ीन करेगा कि यह खाली घर कभी खुशियों और स्वर-लहरियों से भरा हुआ था? ऐसी खुशियों से जो शायद आपको सिर्फ़ किसी दंतकथा में ही देखने को मिले। मैदान पर चल रही हवाएँ इसकी गवाह हैं। वे जानती हैं कि सुनसान मैदान में अकेला खड़ा यह यह मकान कभी खुशियों से भरा हुआ था।


बिल्लियों का क़स्बा (मुराकामी की कहानी)
कौवों का एक झुंड कांव-कांव करता हुआ आकाश के पार चला गया। टेंगो खड़ा हुआ, अपने पिता के पास गया और उनके कंधे पर अपना हाथ रख दिया। "विदा, पिता जी, मैं जल्दी ही फिर आऊंगा।"


वृद्ध स्त्री की त्चचा (जापानी कहानी)
मुस्कराहट से उसका तात्पर्य, आतंरिक से था अथवा बाह्य से? मैंने आसानी से इसे आतंरिक समझा और अवकाश के अगले दिनों में उससे ‘स्वयं’ के रूप में मिलने का निर्णय लिया।


नाई की दुकान (नॉर्वेजियन कहानी)
आखिरकार मैं नाई की दुकान तक पहुँच ही गया। दरवाज़ा खोलकर अंदर दाखिल हुआ और यह देखकर चकित रह गया कि बीते दिनों में दुनिया कितनी बदल गई


केन का मेमना (इंडोनेशियाई कहानी)
धारा उसे दक्षिण की ओर बहा ले गई और स्वतंत्र होने की खुशी में वह चोट पहुँचाती लहरों और ठंडी हवा को भूल गया।


चूहेदानी, उर्दू कहानी
दूसरों के बिल खोदकर अपने घर बसाएंगे तो और क्या होगा। ये तबाही हमने अपने हाथों ही तो बुलाई है।


जापान की पगडंडियों पर बाशो, हर्न और बोर्गेस के पदचिह्न
हिगाशी सुझाव देती हैं कि हम अपनी आँखें बंद कर लें और हमें अपने चेहरे पर हवा का स्पर्श महसूस होता है और कौओं की काल्पनिक बातचीत सुनाई देती है
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