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नसीब का पत्थर
शिकार से कहीं ज़्यादा मेरी दिलचस्पी उस इंतज़ार में थी, जो शिकार से ऐन पहले आता है—मछुआरों को जाल बिछाते देखना, उनका घात लगाए बैठे रहना और साँस तक संभाल-संभालकर लेना, ताकि हवा की कोई लहर उनके जिस्म की गंध परिंदों तक न पहुँचा दे।


आज की ईरानी कविताएँ
जब वह सरहदों पर होती है।
कँटीला तार उसकी स्कर्ट चीर देता है।
फूल चीख़ उठते हैं
और पंखुड़ियाँ कँटीली बाड़ पर
टंगी रह जाती हैं


ग़ैरत (मिस्र की कहानी)
मूल कहानी : यूसुफ़ इदरीस अँग्रेज़ी से अनुवाद : श्रीविलास सिंह मुझे विश्वास है कि वे अब भी वहाँ प्रेम को ग़ैरत के रूप में संदर्भित करते हैं। वे संभवतः अभी भी इसके संबंध में ढँके-छिपे इशारे करते हुए, खुल कर बात करने में हिचकिचाते हैं, हालाँकि तब भी आप इसे उनकी आँखों की धुँधली दृष्टि में देख सकते हैं और तब भी जब लड़कियाँ लज्जा से सिंदूरी हो जाती हैं और शर्म से नीचे देखने लगती हैं। किसी अन्य फ़ार्म की ही भाँति, वह फ़ार


ख़बरों से बाहर ग़ज़ा (पुस्तक समीक्षा)
शरणार्थी होना केवल अपना भूगोल खो देना नहीं है। यह धीरे-धीरे अपनी रोज़मर्रा की स्वायत्तता खो देना भी है। खाना कब मिलेगा, राशन कब बँटेगा, काम मिलेगा या नहीं, बच्चे के लिए कपड़ा आएगा या नहीं—जीवन के सबसे साधारण निर्णय भी किसी दूसरी व्यवस्था की अनुमति पर टिक जाते हैं।


दुन्या मिखाइल की कविताएँ
लालटेनें रात की सच्ची मुरीद हैं
उनमें सितारों से ज़्यादा सब्र है
वे जलती रहती हैं सुबह तक।


फ़ोरुग फ़रुख़ज़ाद की कविता
जीवन शायद रति के दो क्षणों के मध्य के
मादक विश्राम में सिगरेट का सुलगाना है
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