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मुझे एक और चाबी चाहिए
कवि और चोर के बीच की दूरी बहुत कम होती है। दोनों ही अदृश्य होकर दूसरों के जीवन के सबसे निजी हिस्सों में प्रवेश करते हैं। फ़र्क बस इतना है कि चोर भौतिक चीजों को ले जाता है, और कवि उन अमूर्त सत्यों को चुराता है, जिन्हें लोग खो चुके होते हैं अथवा खो देने का अभिनय करते हैं।


एक टिकट मेरे लिए भी
लघुशंका के बाद पिक्चर-हॉल में प्रवेश करना उचित होगा। यही सोच उसने सड़क किनारे बने मू़त्रालय का रुख किया। ‘बचपन की गलतियों से निराश न हों। नामर्दी, शीघ्रपतन, धातुरोग में जड़ी-बूटियों से गारण्टीशुदा इलाज के लिए ‘वैद्य जी कंचनगढ़ वाले’ से शीघ्र मिलें या लिखें, जवाबी लिफाफे के साथ।’


साँड
गाँव के मज़बूत और फ़ुर्तीले नौजवान हर तरह से तैयार होकर साँड की प्रतीक्षा करने लगे। जल्द ही मौक़ा हाथ आ गया। साँड के गाँव में घुसते ही नौजवानों की टोली अपने हाथों में लाठी और रस्सी लेकर उसके पीछे दौड़ पड़ी।


ग़ैरत (मिस्र की कहानी)
मूल कहानी : यूसुफ़ इदरीस अँग्रेज़ी से अनुवाद : श्रीविलास सिंह मुझे विश्वास है कि वे अब भी वहाँ प्रेम को ग़ैरत के रूप में संदर्भित करते हैं। वे संभवतः अभी भी इसके संबंध में ढँके-छिपे इशारे करते हुए, खुल कर बात करने में हिचकिचाते हैं, हालाँकि तब भी आप इसे उनकी आँखों की धुँधली दृष्टि में देख सकते हैं और तब भी जब लड़कियाँ लज्जा से सिंदूरी हो जाती हैं और शर्म से नीचे देखने लगती हैं। किसी अन्य फ़ार्म की ही भाँति, वह फ़ार


जेन-ज़ी का तोता
एक पोस्ट की सुबह से शाम तक की उम्र का एक मामूली-सा लेखक अपने फालोवर्स के साथ आपको गाली बकता और अपने पोस्ट की उम्र को दो-चार दिनों के लिए बढ़ाता बेदाग निकल सकता है। क्योंकि उसकी इस हरकत से उसके उस पोस्ट की वह सुबह से शाम की सीमित उम्र कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ जाएगी।


अंधेरा विलो, सोती हुई औरत
एक बार जब आप इसे गौर से देखना शुरू करते हैं, तो इंसानी कान, इसकी संरचना काफी रहस्यमय लगती है। इसमें मौजूद ये सारी अजीबोगरीब घुमाव, उभार और गड्ढे। शायद क्रमागत विकास ने इस विचित्र आकार की चीज को ध्वनियों को इकट्ठा करने या अंदर मौजूद चीजों की रक्षा करने का सबसे अच्छा तरीका माना हो।


टर्निंग पॉइंट क्या है पार्टनर!
सारा खेल राजा का है... उसकी सलामती का है। प्यादा तो बर्बादी के लिए, ज़िबह के लिए बना है।


कच्चे दूध की गंध (चीनी कहानी)
जब उनका चेहरा खुशी से दमकता तो उनके मुँह के दोनों छोरों पर डिंपल उभर आते—नई-नवेली माँ बनने का आह्लाद और गर्व उनके चेहरे से फूटा पड़ता था। उनके आसपास से जो भी गुजरता, उसे माँ के ताजे दूध की भीनी-भीनी गंध अपने आगोश में ले लेती।


पाताल की दुखती रगें
पाताल की दुखती रगें कहानी : तौसीफ़ बरेलवी उसे कई रोज़ से अपने हम नफ़्सों के ख़ून की बू आ रही थी लेकिन वह उस बू के पीछे जा भी नहीं सकता था। हाँ उसके अंदर से एक हौल ज़रूर उठ रही थी कि कुछ बहुत भयानक होने वाला है। पूरा जंगल रोज़ जिन परिंदों कि चहचहाहटों से अपनी सुबह करता था, अब वे आवाज़ें ख़ामोश होने वाली थीं। आख़िर ऐसा भी क्या हो गया था...? वह उस पसरती हुई ख़ामोशी का पता लगाना चाहता था लेकिन उससे कुछ करते नहीं बन रहा था। आख़िर वह कर भी क्या सकता था? अपनों के ख़ून की बू के साथ ही दिल को थर्


नटनी का बारा
हम आँसुओं में पिघल जाएँ तो नाच और करतब दिखाना कैसे संभव हो? एक जगह से दूसरी जगह जाना कैसे संभव हो? बेवकूफ लड़का! हम में ठहराव खोजता है।


अम्मी और अतिथि
मुझे ठीक से पता नहीं कि विधवा क्या होती है, लेकिन जब पड़ोसी मुझे "विधवा की बेटी" कहते हैं तब मुझे लगता है कि वह जरूर विधवा होंगी। दूसरे सभी बच्चों के पिता हैं, लेकिन मेरे कोई पिता नहीं हैं। शायद मेरे पिता न होने के साथ माँ के विधवा होने का कोई संबंध हो।


नींद
मूल कहानी : हारुकी मुराकामी अनुवाद : श्रीविलास सिंह बिना नींद के यह मेरा लगातार सत्रहवाँ दिन है। मैं अनिद्रा रोग के संबंध में बात नहीं कर रही हूँ। मैं जानती हूँ अनिद्रा रोग क्या होता है। मुझे इस तरह का कुछ काॅलेज के दिनों में हुआ था- ‘इस तरह का कुछ’ इसलिए क्योंकि मैं निश्चित नहीं हूँ कि तब जो हुआ था वह ठीक-ठीक वही था जिसे लोग अनिद्रा रोग कहते हैं। मैं सोचती हूँ कि एक डॉक्टर मुझे इस संबंध में बता सकता था। लेकिन मैं किसी डॉक्टर के पास नहीं गई। मैं जानती थी कि इससे कोई फायदा न


बसंत का हृदय
क्या तुम्हें प्रभु से डर लगता है जिसने तुम्हारे पिता के भी पिता के लिए युद्ध में ललकारने वाले हथियार बनाए या बौने लोग, जो समंदर से निकलकर रात में आते हैं और झींगुरों के साथ आत्मा की गहराइयों से निकालने वाला गीत गाते हैं?


संसार का सबसे खूबसूरत डूबा हुआ आदमी
पहली बार वहां मौजूद आदमियों और औरतों ने अपनी गलियों के सूनेपन, अपने आंगन के सूखेपन, अपने ख्वाबों के ओछेपन को जाना—जब उन्होंने डूबे हुए आदमी की भव्यता और खूबसूरती का सामना किया।


विगत की व्याधि
आहिस्ता-आहिस्ता कमर से चढ़ती हुई गर्दन के करीब आते-आते ठीक उन दिनों के जैसे उनकी देह गंध ने पीछे से उसे अपनी आगोश में भर लिया। मसालों में लिपटी हुई तेल-घी की मिश्रित गंध हमेशा की तरह उसकी दाईं ओर से तीक्ष्ण हो गई।


दहकते इश्तिहार
उसे पता था कि ये इश्तिहार उसके लिए नहीं हैं। न तो उसका मतदाता पहचान पत्र है और न ही जेब में रुपये।


बाकुम-बाकुम
अपने ब्याह के लिए सूजनी और तकिया खोल, यही दो चीज बनाई। तकिया खोल पर फूल और नाम काढ़े। अपनी बनाई हुई चीजें बहुत सुकून देती हैं। रानी को अहसास हुआ। तकिया पर काढ़े गए फूलों से पहली बार खुशबू आ रही थी। उसने पलट कर नाक से फूलों को छुआ। सच में उसे गुलाब की गंध निकल रही थी। ये कैसे। वो हैरान।


हैडमास्टर हृदयराम
हैडमास्टर हृदय राम की दंडिका पूत-कुपूत की पहचान करवा देती है। जो काबिल होगा, वह टिक जाएगा और लंपट तो भाग ही जाएगा। उनकी दंडिका बिल्कुल हंस न्याय करती। दूध अलग और पानी अलग। उनकी दंडिका सूप की तरह कूड़ा करकट बाहर फेंकती और असल तत्व बचाकर रखती।
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