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चार्ली ब्राइस‌ की कविताएँ

  • 2 days ago
  • 4 min read


चार्ली ब्राइस‌ की कविताएँ 
अनुवाद : देवेश पथ सारिया और‌ नेहा वत्स

गोदाम

(मैरी ओलिवर और डायलन थॉमस को धन्यवाद सहित)


उन दिनों नोडोज़ और डार्क रोस्ट* 

मेरी माँ के लयबद्ध जीवन का हिस्सा थे

जब मेरे पिता

ग्वाडलकैनाल (की लड़ाई)* के घावों से टूटकर

अपनी बेधड़क और अनमोल ज़िंदगी शराब में डुबो बैठे

माँ ने फिर से खड़ा किया वह कारोबार—

व्योमिंग रेस्तरां और होटल सप्लाई


माँ उस कारोबार को उसी तरह चलाती

जैसे किसी पुरुष-प्रधान समाज से लड़ती हुई साहसी स्त्री चलाती है

उसके शब्द ही क़ानून थे

और अवज्ञा की कोई गुंजाइश नहीं थी


वे ऐसे दिन थे जब मैं तरसता था

कि मुझे गोदाम भेज दिया जाए—

शायान* के बाहरी इलाके में बनी 

एक क्वांसेट हट

जिसमें भरे पड़े थे—

फ़ालतू काँच के बर्तन, ऐशट्रे, 

पाई* के टिन, पोंछों के सिरे,

पुराने और टूटे हुए किचन रेंज (स्टोव)

और ख़राब हो चुके व्यावसायिक फ्रिज


उसी सीलन भरी क़ब्र जैसी जगह में

डीडीटी के गैलन रखे थे

जिन्हें सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था

और एरोडेट के डिब्बे—

एक औद्योगिक क्लीनर

जो निकाल सकता था

कंक्रीट से तेल के दाग़ और

एक जवान आदमी के फेफड़ों से उम्मीद तक 


मैं मिट्टी के फ़र्श पर बैठकर

धूल के कणों को नाचते देखता

जो गल चुके दरवाज़े की दरारों से 

छनकर आती क़तरा भर धूप में चमकते थे


मैं कैमल ब्रांड सिगरेट सुलगाता

और सोचता कि मेरा होगा क्या—

अपना टूटा दिल लिए डरा-सहमा, 

स्वर्ग से पाए हुए जीवन के सोलह बरस,

करता हुआ ननों और वियतनाम का सामना


मैं पढ़ नहीं पाता था

धूल पर बने चूहों के पदचिह्नों को 

लेकिन सोचता था कि 

उस उदास काल कोठरी में

कैसा होगा चूहे का जीवन

वह कहाँ जा रहा होगा

जब वह साल 1966 के अमेरिका में 

रसोईघरों के खंडहरों 

और ज़हरों के ऊपर

भागता फिरता था?


*नोडोज़ और डार्क रोस्ट : क्रमशः कैफ़ीन की गोली और एक प्रकार की कॉफी।

*चार्ली के पिता ने ग्वाडलकैनाल (की लड़ाई) में साल 1943 में हिस्सा लिया था।

*शायान (Cheyenne) - अमेरिका के व्योमिंग स्टेट की राजधानी।

*पाई - बिस्किट जैसा एक मीठा खाद्य।



पॉइंट ब्रीज़ 

(टी. एस. एलियट के प्रति कृतज्ञता के साथ)


हमारी शुरुआत में ही मौजूद था

हमारा अंत


यह रिडक्टियो एड एब्सर्डम* कब शुरू हुआ—

वह सिमटना, वह संकुचन

जो अंत तक ले जाता है

उस नींद तक, जो वास्तव में नींद भी नहीं,

उस अँधेरे तक, जो अँधेरा भी नहीं,

उस शून्यता तक,

जिसे कोई नाम नहीं दिया जा सकता?

हमारी शुरुआत में ही मौजूद था

हमारा अंत


अब जूडी चल नहीं सकती

इसलिए हम कार में घूमने निकलते हैं

कैसे हम जीवन भर नाचते रहे

कैसे उन फीकी, खोई हुई कुमुदिनियों को

अपने आगे फेंकते चले गए

हमारी शुरुआत में ही मौजूद था

हमारा अंत


मुड़ी-तुड़ी सी हो गई हैं 

जूडी के हाथों की उँगलियाँ 

और हर क़दम पर ऐंठ जाती हैं

उसके पैरों की उंगलियाँ

दर्द से पस्त

वह चल नहीं सकती अब

हमारी शुरुआत में ही मौजूद था

हमारा अंत


आज हम पॉइंट ब्रीज़* से गुज़रते हुए,

उन घरों को देखते रहे 

जिन्हें हम अक्सर सराहते आए हैं—

उनके स्तंभ,

जालीदार नक़्क़ाशी,

रंगीन काँच की खिड़कियाँ और बालकनियाँ

हम बुलडोज़रों के बारे में नहीं सोचते

न ही उस प्रकृति के बारे में

जो उनके जाने के बाद क़ब्ज़ा कर लेगी

इस सब पर 

हम नहीं सोचते 

उस अवश्यंभावी उजाड़ के बारे में

हमारी शुरुआत में ही मौजूद था

हमारा अंत


फ्रिक पार्क* के पास 

एक छोटी-सी गली में

एक दुबला-पतला आदमी 

स्टील गिटार बजा रहा है—

एक काॅन्सर्ट का आनंद

मैं स्टीयरिंग व्हील को 

ड्रम की तरह बजाने लगता हूँ

जूडी गुनगुनाने लगती है :

‘ऐंट नोबडीज बिजनेस इफ आई डू’

लोभी होकर हम निगल लेते हैं

इस पल भर के सुकून को 

अपने धूमिल होते वक़्त में

हम निगल लेते हैं इस हवा को

जिसका कोई ठिकाना नहीं।


*तर्कशास्त्र में, रिडक्टियो एड एब्सर्डम (लैटिन में ‘बेतुकेपन तक कम करना’), जिसे आर्गुमेंटम एड एब्सर्डम (लैटिन में ‘बेतुकेपन तक तर्क’) के रूप में भी जाना जाता है, तर्क का वह रूप है जो यह दर्शाकर किसी दावे को स्थापित करने का प्रयास करता है कि विपरीत प्रस्ताव का पालन करने से बेतुकापन या विरोधाभास उत्पन्न होगा। सुविधा के लिए इसे संक्षेप में ‘‌विरोधाभास द्वारा प्रमाण’ के रूप में समझा जा सकता है।


*पॉइंट ब्रीज़ और फ्रिक पार्क क्रमश: पिट्सबर्ग (अमेरिका में स्थित) रिहायशी इलाक़ा और पार्क  हैं।



स्वर्ण पदक


क्या तुम महसूस कर पाते हो?

इसे हासिल करने के लिए तुमने

पूरी ज़िंदगी खपा दी—

अपनी युवावस्था

किसी का कोमल स्पर्श

दोस्तों के साथ उन्मुक्त रातें

आधी रात की आवारा भटकन

सब कुछ त्याग दिया

सिर्फ़ इस एक पुरस्कार के लिए?


तुम सुनते हो वह गहरी, गूँजती धुन

एक गर्वित और कृतज्ञ राष्ट्र का गान

तुम उस गर्व का प्रत्युत्तर देना चाहते हो

लेकिन मिनियापलिस की स्मृतियाँ

बीच में आ धमकती हैं

एक शहर जो आईसीई* में बदल गया,

कभी सुंदर था

अब कुरूप है, अब अच्छा नहीं रहा


क्या तुम्हारी इच्छा नहीं होती

कि तुम एक कर्लेव पक्षी होते

ऐसा पक्षी जो अपने मस्तिष्क के

एक हिस्से को सुला सकता है

उस आँख को बंद कर सकता है

जबकि बाक़ी आधे मस्तिष्क से, एक आँख खोले

अपनी मंज़िल की ओर उड़ता रहता है?


यदि तुम्हारे मस्तिष्क का 

आधा हिस्सा सोया होता

तो क्या तुम जी सकते थे 

उस गीत के साथ 

कहीं स्वतंत्र भूमि पर 

उतरते और देख पाते

कि तुम वास्तव में कौन हो?


*आईसीई : इमीग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट, अमेरिका।



संगीत, संगीत ही रहता है 


केवल तब, 

जब कोई उसे सुन सके—

ढूँढ़ो एक ऐसी जगह

जो पर्याप्त शांत हो

आधी रात के बाद

जब तारे भी नींद में हों

एक ऐसी जगह

जहाँ इतनी गहरी हो 

निस्तब्धता

कि तुम सुन सको

अपनी मृत्यु का संगीत

एक बेसुरा बर्फ़ीला इलाक़ा

एक शब्दहीन उपत्यका

एक ऐसी जगह

जो तुम्हारे अस्तित्व से पहले भी थी

जो गाती रहेगी

तुम्हारे चले जाने के बहुत बाद तक।



चार्ली ब्राइस‌ का जन्म शायान, व्योमिंग में 7 जून 1950 को हुआ। वर्तमान में वह पिट्सबर्ग में अपनी पत्नी जूडी के साथ रहते हैं जो स्वयं एक कवयित्री हैं। चार्ली ब्राइस की कविताएँ बेस्ट ऑफ़ नेट एंथोलॉजी और पुश्कार्ट पुरस्कार के लिए नामांकित हो चुकी हैं। उनका दसवाँ कविता संग्रह ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ़ द सिक्सटीज’ है जिसे एलियन बुद्धा प्रेस ने 2026 में प्रकाशित किया। उनकी रचनाएँ अटलांटा रिव्यू, द ऑनेस्ट अल्स्टरमेन, इबेट्सन स्ट्रीट, शिरोन‌ रिव्यू, द मॅक्गोफ़िन सहित अन्य पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं।


देवेश पथ सारिया द्वारा गोल चक्कर के लिए किए गए अन्य अनुवाद देखिए : देवेश पथ सारिया


नेहा वत्स ख़ुद को एक पाठक कहना पसंद करती हैं। अलबत्ता डायरीनुमा लेखन उनके यहाँ दिखाई देता है। गोल चक्कर पर उनका अन्य प्रकाशित काम देखिए ‌: नेहा वत्स




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