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दुनिया में एक शहर है, जिस शहर में पूरी दुनिया मिलती है।
मैच शुरू हुआ तो लगा जैसे इधर से उधर बॉल नहीं झूम रही बल्कि लोगों के दिल खिलाड़ियों के पैरों में अटके हुए हैं। बॉल जितनी बार उछलती, उतनी ही बार लोगों के दिल उछलते और गलों की आवाज़ें किसी कोरस में आसमान तक टप्पे खाने लगतीं। गेंद गोलपोस्ट के पास पहुँचती और पूरा इलाक़ा एक साथ साँस रोक लेता। गोल होने पर ऐसा शोर उठता कि लगता, इस शहर की गगनचुंबी इमारतें भी मुस्कुराने लगती होंगी।


कोलम्बिया नदी : एक शब्द-चित्र
जहाज़ से देखने पर यह बिल्कुल किसी चित्रकार के लिये मुफ़ीद दृश्य जैसा दिखता था। हरा पहाड़, सफ़ेद घर, नीला आकाश, हल्की हरी नदी पर बहते सफेद याॅट।


जापान की पगडंडियों पर बाशो, हर्न और बोर्गेस के पदचिह्न
हिगाशी सुझाव देती हैं कि हम अपनी आँखें बंद कर लें और हमें अपने चेहरे पर हवा का स्पर्श महसूस होता है और कौओं की काल्पनिक बातचीत सुनाई देती है
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