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शुन्तारो तानीकावा की कविता
जब वह नाश्ता बनाती तो वह नाश्ते पर कविता लिखता
जब वह जंगली बेर तोड़ती तो वह जंगली बेरों पर कविता लिखता
जब वह अपने वस्त्र उतारती तो वह उसके सौंदर्य पर कविता लिखता






हाइकु : क्षण भर में रोमांच का अनुभव
इस जटिल, आपाधापी की दुनिया में जब लंबी, खाली शामें हमें मुहैया नहीं हैं, तब हाइकु के माध्यम से क्षण में रोमांच खोजना हम सीख सकते हैं। इनमें प्रयुक्त बिम्ब, उनकी क्षणिकता हमें हमारे चारों ओर फैले साधारण दृश्यों को सराहने, कभी उनसे आश्चर्यचकित होने, कभी उनसे उपजी ऊब से परहेज़ न करने, कभी किसी कठोर दिन में सहज बने रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं


वृद्ध स्त्री की त्चचा (जापानी कहानी)
मुस्कराहट से उसका तात्पर्य, आतंरिक से था अथवा बाह्य से? मैंने आसानी से इसे आतंरिक समझा और अवकाश के अगले दिनों में उससे ‘स्वयं’ के रूप में मिलने का निर्णय लिया।




जापान की पगडंडियों पर बाशो, हर्न और बोर्गेस के पदचिह्न
हिगाशी सुझाव देती हैं कि हम अपनी आँखें बंद कर लें और हमें अपने चेहरे पर हवा का स्पर्श महसूस होता है और कौओं की काल्पनिक बातचीत सुनाई देती है
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