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बसंत का हृदय
क्या तुम्हें प्रभु से डर लगता है जिसने तुम्हारे पिता के भी पिता के लिए युद्ध में ललकारने वाले हथियार बनाए या बौने लोग, जो समंदर से निकलकर रात में आते हैं और झींगुरों के साथ आत्मा की गहराइयों से निकालने वाला गीत गाते हैं?


गीता मलिक की कविताएँ
तुम किसी पहाड़ी संगीत की तरह लग रहे हो
नहीं हैं आस-पास कोई वाद्ययंत्र
तुम्हारी हँसी मेमने-सा निश्छल राग है


ख़्वाब के मज़बूत पंख (विश्व सिनेमा)
कला आने वाली नस्लों को मनोरंजन के साथ-साथ तमाचे और प्यार के निशान सौंपती है।
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