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घनश्याम की कविताएँ
तुम आग को आग नहीं लिख सकते
न रोटी को रोटी लिख सकते हो
न फूल को फूल ही
तुम्हें लिखना इतना ही पसंद है


टर्निंग पॉइंट क्या है पार्टनर!
सारा खेल राजा का है... उसकी सलामती का है। प्यादा तो बर्बादी के लिए, ज़िबह के लिए बना है।


ख़बरों से बाहर ग़ज़ा (पुस्तक समीक्षा)
शरणार्थी होना केवल अपना भूगोल खो देना नहीं है। यह धीरे-धीरे अपनी रोज़मर्रा की स्वायत्तता खो देना भी है। खाना कब मिलेगा, राशन कब बँटेगा, काम मिलेगा या नहीं, बच्चे के लिए कपड़ा आएगा या नहीं—जीवन के सबसे साधारण निर्णय भी किसी दूसरी व्यवस्था की अनुमति पर टिक जाते हैं।
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