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जेन-ज़ी का तोता
एक पोस्ट की सुबह से शाम तक की उम्र का एक मामूली-सा लेखक अपने फालोवर्स के साथ आपको गाली बकता और अपने पोस्ट की उम्र को दो-चार दिनों के लिए बढ़ाता बेदाग निकल सकता है। क्योंकि उसकी इस हरकत से उसके उस पोस्ट की वह सुबह से शाम की सीमित उम्र कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ जाएगी।


दहकते इश्तिहार
उसे पता था कि ये इश्तिहार उसके लिए नहीं हैं। न तो उसका मतदाता पहचान पत्र है और न ही जेब में रुपये।
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