अब इस आखिरी बखत में अजनबी देश जाना पड़ेगा। अब थोड़े ना ढब पाएंगे परदेस में। पौध वाली उमर की बात अलग होती है। तब जड़ें कमज़ोर होती हैं, खाद-पानी पाकर मजबूत हो जाती हैं, जम जाती हैं। अब इस उमर में तो जड़ें सूख चुकी हैं,अब कितना ही खाद पानी मिले, नई जमीन पर जम नहीं पाएंगी।