लघुशंका के बाद पिक्चर-हॉल में प्रवेश करना उचित होगा। यही सोच उसने सड़क किनारे बने मू़त्रालय का रुख किया। ‘बचपन की गलतियों से निराश न हों। नामर्दी, शीघ्रपतन, धातुरोग में जड़ी-बूटियों से गारण्टीशुदा इलाज के लिए ‘वैद्य जी कंचनगढ़ वाले’ से शीघ्र मिलें या लिखें, जवाबी लिफाफे के साथ।’